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Saturday 23 February 2019
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सौ साल का हुआ बीएचयू

शताब्दी समारोह में उतरे उमा संग महादेव
Uma Parinayamबनारस हिंदू यूनिवर्सिटी अपना शताब्दी समारोह मना रहा है. इसके उपलक्ष में बीएचयू में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. इसके तहत दोवर्षीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गयी है. इसकी शुरुआत 28 अगस्त को उमा परिणयम नृत्य रूपक से हुई.

पंडित ओंकार नाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में आयोजित उमा परिणयम नृत्य रूपक को संगीत एवं मंच कला संकाय के नृत्य विभाग ने बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया. उमा परिणय महाकवि कालिदास रचित ‘कुमार संभवम्’ के सप्तम सर्ग तक की कथा है. पूरी प्रस्तुति में कलाकारों ने अपने अभिनय में सामंजस्य एवं प्रवाह के साथ गतिशीलता को भी बनाये रखा.
देखते ही बना कलाकारों का अभिनय
रूपक को चार अंको में विभक्त करके प्रस्तुत किया गया. कथा की शुरुआत अप्सराओं के हिमालय दर्शन एवं उमा जन्म के वर्णन से हुई. शिव–पार्वती विवाह ने लोगों को भाव-विह्वल कर दिया. बृजमोहन यादव-शिव, ईशा नागर-पार्वती, कर्मवीर सिंह-कामदेव, अनन्या त्रिपाठी-रति आदि कलाकार लोगों पर अपने अभिनय का प्रभाव छोड़ने में सफल रहे.
1916 में हुई थी बीएचयू की स्थापना
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की स्थापना महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने वर्ष 1916 में वसंत पंचमी को हुई थी. इस विश्वविद्यालय के मूल में डॉ एनी बेसेन्ट द्वारा स्थापित और संचालित सेंट्रल हिंदू कॉलेज की प्रमुख भूमिका रही. मुख्य परिसर वाराणसी में स्थित है, वहीं इसका दूसरा परिसर मिर्जापुर जनपद के बरकछा में है. यह एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है.
– पूर्वांचल प्रतिनिधि




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