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Saturday 23 February 2019
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मायावती-अखिलेश से मिले तेजस्वी, सियासत तेज

बिहार में राजद नेताओं का मन टटोलने के बाद अचानक राजद सुप्रीमो के बेटे तेजस्वी यादव लखनऊ पहुंच गए. उन्होंने पहले बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की, फिर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के पास पहुंचे. तीनों नेताओं की मुलाकात ने बिहार से लेकर यूपी तक की सियासत को तेज कर दी है.
दरअसल बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को दिन में राजद के दिग्गज नेताओं के साथ मुलाकात की. इसमें 11 जिलों के विधायकों-पार्षदों के अलावा राजद अध्यक्षों को बुलाया गया था. इसे लेकर पटना में दिनभर राजनीतिक कयास लगते रहे कि आखिर इस बैठक में क्या हुआ.
राजद की इस बैठक से छन कर बाहर में यही बात आई कि लोकसभा चुनाव को लेकर नेताओं को महत्वपूर्ण संदेश दिया है. साथ ही सीट शेयरिंग को लेकर भी नेताओं के मन को टटोला गया है. लेकिन बाद में राजद की ओर से कहा गया कि यह कोई राजनीतिक बैठक नहीं थी. कर्पूरी ठाकुर के जयंती समारोह की तैयारी को लेकर यह बैठक बुलाई गई थी. जयंती समारोह 24 जनवरी को होगा. जब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश सिंह ने मीडिया से बात की तो क्लियर हुआ कि चुनाव को लेकर नेताओं से बात की गई और जयंती समारोह पर भी चर्चा हुई.

यह मामला अभी थमा भी नहीं था कि तेजस्वी यादव के यूपी जाने की बात सामने आ गई और कहा गया कि वे रविवार को मायावती और सोमवार को अखिलेश यादव से मिलेंगे. बात सही निकली और रविवार की रात में ही फ्लाइट से तेजस्वी लखनऊ पहुंचे और उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती से उनके आवास पर मुलाकात की. तेजस्वी ने यूपी में सपा-बसपा गठबंधन पर ख़ुशी जाहिर की और मायावती को जन्मदिन की बधाई भी दी.
इसके बाद वे सोमवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ ही मुलायम सिंह यादव से भी भेंट की. दोपहर में तेजस्वी ने अखिलेश के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस भी की. तेजस्वी ने कहा कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने जिस महागठबंधन की कल्पना की थी, वह यूपी में अब साकार हो गया है. गठबंधन के जरिये भाजपा के सफाये की नींव रखी जा चुकी है. बता दें कि दो दिन पहले तेजस्वी ने इस गठबंधन के बाद ट्वीट भी किया था कि अब बीजेपी का यूपी व बिहार से सफाया हो जाएगा.




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