Search
Friday 23 June 2017
  • :
  • :

आह कन्हैया… वाह कन्हैया…

Kanhaiya in Patnaकन्हैया इन दिनों भारतीय राजनीति का हॉट केक बना हुआ है. जेएनयू छात्र संघ का अध्यक्ष कन्हैया तीन दिनों के लिए बिहार दौरा पर आये हुए थे. इसे लेकर उनके राजनीतिक जीवन से लेकर व्यक्तिगत जीवन तक पर सवाल दागे गये. वरीय टीवी पत्रकार अशोक कुमार िमश्रा की नजर में कन्हैया का पटना दौरा…

 

 

Ashok Mishraजेएनयू छात्र संघ का अध्यक्ष कन्हैया का तीन दिवसीय पटना दौरा खत्म हो गया है. राजद्राेह के आरोप के चलते रातोंरात मीडिया की सुर्खियों में आये कन्हैया का बिहार दौरा भी कम रोमांचक नहीं रहा. इसकी तैयारी करीब एक माह पहले से की जा रही थी और कन्हैया के स्वागत में बड़े-बड़े होर्डिंग्स और बैनर लगाये गये थे. देश के बड़े नेता की तरह उसके मिनट टू मिनट कार्यक्रम की विधिवत जानकारी मीडिया को दी गयी थी. जदयू नेता नीरज कुमार ने तो यहां तक कहा कि कन्हैया के पटना में कदम रखते ही राजनीति का तापमान गरम होगा. नीरज जी का कहना भी सही साबित हुआ.

सवाल पर सवाल, सवाल पर सवाल
कन्हैया देश के बड़े नेता की तरह हवाई मार्ग से पटना आये और शुरू हो गयी गर्म राजनीति. पहले उसकी सुरक्षा पर सवाल उठे, फिर जूता पहनने, फिर पैर छूने, फिर पिता से मिलने, फिर कन्हैया किसके साथ बैठा, किसके साथ खाया, कहां गया, क्यों गया, उसके दौरे पर खर्च किसने किया इन सारे सवालों को लेकर सूबे की अधिकांश प्रिंट, इलेक्ट्राॅनिक और सोशल मीडिया ने उसकी ऐसी की तैसी कर दी. यानी एक विलेन के रूप में कन्हैया का रोल पूरी तरह फिट दिखा. रही सही कसर शराबबंदी पर कन्हैया के बयान को अलग-अलग रूप में परोस कर मीडिया ने तो दूसरी ओर एसकेएम हॉल में उसके विरोधियों ने काला झंडा दिखा कर अपने कर्तव्य की इति श्री कर ली. यानी आह कन्हैया यह तूने क्या कर दिया. फिर कन्हैया के समर्थक और खुद कन्हैया ने इन सवालों का बखूबी जवाब भी दिया.

असली सवाल – इतना चिढ़ क्यों?
लेकिन आखिर सवाल यह है कि इस कन्हैया से लोगों को इतना चिढ़ क्यों है, जो जाने अनजाने उसे मीडिया की सुर्खियों में रहने के लिए मजबूर करता है. मेरी समझ में यह है कि कन्हैया के बोलने की कला. यूं तो विपक्ष की राजनीति करने वालों का भाषण अच्छा होता ही है, चाहे वे वामपंथ के नेता हों या दक्षिण पंथ के . लेकिन मेरे जैसे लोगों ने वामपंथ और दक्षिण पंथ के अनेक बड़े नेताओं के साथ-साथ फायर ब्रिगेड उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, कांशीराम, मायावती, ओवैसी जैसे लोगों का भी भाषण सुना है, लेकिन इतनी कम उम्र में कन्हैया जैसा भाषण काबिले तारीफ था.

वाह-वाह कह उठे समर्थक
एक मई को एसके मेमोरियल हाॅल में वामपंथ की राजनीति करने वाले अनेक विद्वान, प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष प्रो खगेंद्र ठाकुर, जनशक्ति के पूर्व संपादक यूएन मिश्र समेत अनेक मजदूर नेता बुद्धिजीवी भी मौजूद थे. यह शायद पहली बार था, लेकिन कन्हैया ने जिस तरह से वामपंथ की परंपरा से अलग हट कर अपनी बातों को रखा, चाहे काॅमन स्कूल सिस्टम की बात हो या न्यूनतम मजदूरी का सवाल, या फिर देश का औद्योगिक विकास की बात हो अथवा कट्टर राष्ट्रवाद, कन्हैया ने हर सवाल का जवाब अपने निराले अंदाज में दिया. शायद काॅ चंद्रशेखर से भी निराले अंदाज में. यही वजह रही कि कन्हैया ने जहां सबसे ज्यादा तालियां बटोरीं, वहीं उसके समर्थक वाह-वाह कर उठे.

अब अंतिम सवाल
अब अंतिम सवाल. भारत जैसे लोकतंत्र में अच्छे नेता की पहचान जनता से सीधा संवाद करने वाला बतलाया जाता है, जो जनता को अपनी ओर भाषण के द्वारा आकर्षित कर सके. शायद यह गुण कन्हैया में है. भले ही वह नाटक ही हो. कन्हैया के विरोधियों को यह भी याद रखना चाहिए कि नरेंद्र मोदी को पीएम की गद्दी पर बिठाने और केजरीवाल को दिल्ली का सीएम बनाने में उनके विरोधियों का अंध विरोध और मोदी जी और केजरीवाल जी के भाषण का भी अमूल्य योगदान है. शायद यही वजह है कि उर्दू के एक प्रो हमारे मित्र ने कहा है कि बदनाम हुए तो नाम नहीं हुआ क्या. यही बदनामी कन्हैया को इस मुकाम पर पहुंचा दिया है.
(नोट : लेखक के ये अपने निजी विचार हैं और यह उनके फेसबुक वाल से अक्षरश: लिया गया है)




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shailesh MLAनीतीश कुमार के बिहार के मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई : शैलेश कुमार, जद यू विधायक (जमालपुर, बिहार)

 

 

 

anant satyarthiनीतीश कुमार के बिहार के मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई : अनंत सत्यार्थी, जद यू विधायक (मुंगेर, बिहार)

 

 

 

Anil Singhप्रतीक पीआईटीआई, सितुहार (हवेली खड़गपुर, मुंगेर) की ओर से छात्रों को दुर्गापूजा की हार्दिक बधाई : अनिल कुमार सिंह, सचिव

 

 

 

 

रामविलास पासवान के कैबिनेट मंत्री बनने व चिराग पासवान की जीत पर हार्दिक बधाई  : राजीव कुमार सिंह, लोजपा नेता (पूर्व प्रत्याशी, तारापुर विधान सभा क्षेत्र, बिहार)

 

 

ssssराजनीतिक अड्डा परिवार को पहली वर्षगांठ पर हार्दिक बधाई : प्रो. सुनील विक्रम सिंह, टीडी कॉलेज, जौनपुर (यूपी)

 

 

 

रामविलास पासवान के कैबिनेट मंत्री बनने व चिराग पासवान की जीत पर हार्दिक बधाई  : राजीव कुमार सिंह, लोजपा नेता (पूर्व प्रत्याशी, तारापुर विधान सभा क्षेत्र, बिहार)