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Saturday 23 February 2019
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संजय बने मुखिया संघ के अध्यक्ष व बबीता बनीं सचिव

इस धरती का अपना इतिहास है. अपनी राजनीतिक पहचान है. अपनी विरासत है. यही नहीं, इस की भूमि कला के क्षेत्र में भी काफी उर्वर रही है. जी हां, बात कर रहे हैं हवेली खड़गपुर प्रखंड की. विश्वप्रसिद्ध चित्रकार आचार्य नंदलाल बसु की धरती की. ऐतिहासिक धरती के पंचायतों की. 

 

 

हवेली खड़गपुर में 11 अगस्त को मुखिया संघ का चुनाव शांतिपूर्वक हो गया. इसमें सर्वसम्मति से रतैठा पंचायत के मुखिया संजय कुमार सिन्हा को प्रखंड मुखिया संघ का अध्यक्ष बनाया गया. वहीं बहिरा पंचायत की मुखिया बबीता सचिव देवी सचिव चुनी गयीं. बैठक की अध्यक्षता दरियापुर-2 पंचायत के मुखिया भोला वर्मा ने की. बैठक में रमनकाबाद पूर्वी पंचायत के मुखिया द्वारिका बिंद उपाध्यक्ष व दरियापुर-1 की मुखिया रेणु देवी कोषाध्यक्ष बनायी गयीं. मौके पर मुखिया रंजन कुमार बिंद, कुंदन मंडल, फुटेश्वर पासवान, सुबोध मांझी, गोपाल मोदी, शोभा देवी, रेखा देवी, विभाष कुमार निराला, राजो सोरेन, मुन्नी देवी, सुनीता देवी, रेणु देवी व फूल कुमारी मौजूद रहे.

18 पंचायतें हैं हवेली खड़गपुर में
मालूम हो कि हवेली खड़गपुर प्रखंड में कुल 18 पंचायतें हैं और पंचायत चुनाव भी काफी शांतिपूर्वक हुई थी. भयमुक्त और निष्पक्ष चुनाव कराने में खड़गपुर अनुमंडल के एसडीओ वसीम अहमद का अहम रोल रहा. इस बाबत बड़ुई पंचायत के मुखिया रंजन बिंद ने मुखिया जी डॉट कॉम को बताया कि पंचायतों का विकास ही हमलोगों का मुख्य उद्देश्य है.

हवेली खड़गपुर की धरती कला के क्षेत्र में भी अग्रणी रही है. खड़गपुर की इसी पावन भूमि ने आचार्य नंदलाल बसु जैसे विश्व रत्न को पैदा किया. राष्ट्रीय कवि रामधारी सिंह दिनकर के काव्य गुरु रामप्रसाद साधक का जन्म भी हवेली खड़गपुर में ही हुआ था

बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री की रही है कर्मभूमि
हवेली खड़गपुर की धरती का अपना इतिहास है. इसकी अपनी राजनीतिक पहचान है. अपनी विरासत है. मुंगेर जिला गजेटियर में हवेली खड़गपुर की महत्ता को देखा जा सकता है. बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ श्रीकृष्ण सिंह विधानसभा चुनाव इसी पावन भूमि से जीतते रहे थे. हालांकि उनकी पैतृक भूमि बरबीघा है, लेकिन खड़गपुर से उनका खास लगाव था.

कला के क्षेत्र में भी अग्रणी रही है धरती
हवेली खड़गपुर की धरती कला के क्षेत्र में भी अग्रणी रही है. खड़गपुर की इसी पावन भूमि ने आचार्य नंदलाल बसु जैसे विश्व रत्न को पैदा किया. उनका पूरा बचपन यहां की माटी में बीता. बाद में वे ऊपर की पढ़ाई के लिए शांति निकेतन चले गये. कैनवास पर उकेरी कृतियों ने उन्हें विश्वप्रसिद्ध चित्रकार बना दिया. इतना ही नहीं, राष्ट्रीय कवि रामधारी सिंह दिनकर के काव्य गुरु रामप्रसाद साधक का जन्म भी हवेली खड़गपुर में ही हुआ था. इसका वर्णन दिनकर जी ने अपनी आत्मकथा में किये हैं.




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