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Saturday 23 March 2019
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पांच साल की पीहू ने पापा को दी मुखाग्नि तो…

बिहार का एक और लाल पिंटू सिंह शहीद हो गया। अभिनंदन के आने की खुशी में उत्साहित बिहार के लोग अचानक गम में चले गए। बिहार के बेगूसराय के रहने वाले सीआरपीएफ जवान पिंटू सिंह 28 फरवरी को आतंकियों के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हो गए थे। बिहार के लोगों को शहीद पिंटू पर गर्व है। साथ ही लोगों का यह भी कहना है कि पाकिस्तान के बहकावे में सरकार नहीं आए। उससे बदला ले।

उधर शहीद पिंटू सिंह का पार्थिव शरीर रविवार को पटना लाया गया, लेकिन एनडीए की रैली के कारण पटना एयरपोर्ट पर कोई नेता श्रद्धांजलि देने नहीं जा सका। हालांकि कल ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शहीद पिंटू सिंह के दाह संस्कार में कोई कमी नहीं रखे जाने का निर्देश दिया है। वहीं बेगूसराय के बखरी स्थित घर पर रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा पहुंचे और शहीद पिंटू के परिजनों से मिले। उनकी तस्वीर पर माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।

शहीद पिंटू सिंह के पार्थिव शरीर को बाद में बेगूसराय स्थित बखरी गांव ले जाया गया। वहां उन्हें अंतिम विदाई दी गई। शहीद का शव पहुंचते ही भावनाओं का ज्‍वार उमड़ पड़ा। गम के माहौल में ‘हिंदुस्‍तान जिंदाबाद’ और ‘पाकिस्‍तान मुर्दाबाद’ के नारे लगे। चाचा की गोद में चढ़ी पांच साल की बेटी पीहू ने अपने शहीद पापा को मुखाग्नि दी। यह कारुणिक दृश्य देख पूरा गांव रो पड़ा। पत्नी अर्चना सिंह बार-बार बेहोश हो जा रही थी। पीहू को तो समझ में ही नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो रहा है। वह एकटक अपने हाथ में पकड़ी अग्नि और चिता पर लेटे शहीद पिता को देखे जा रही थी।

गौरतलब है कि शुक्रवार की शाम करीब सात बजे कश्मीर के हंदवाड़ा इलाके में आतंकियों से लड़ते हुए बेगूसराय के लाल चक्रधर प्रसाद सिंह के बेटे पिंटू शहीद हो गए थे। बता दें कि पटना एयरपोर्ट पर पिंटू सिंह का पार्थिव शरीर लेने उनकी बहन और भाभी एयरपोर्ट पर मौजूद थीं। शहीद पिंटू की शादी 2011 में हुई थी।
Courtesy : Bihar Speaks




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